वृंदावन में यमुना प्रदूषण के खिलाफ एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। समाजसेवी दीपक शर्मा ने हनुमान जी का प्रतीकात्मक स्वरूप धारण कर बिहार घाट स्थित मुख्य नाले के ऊपर सात दिवसीय अनशन शुरू किया है। उनका कहना है कि यमुना में गिर रहे गंदे नालों को बंद कराने के लिए कई बार आवाज उठाई गई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
धर्मनगरी वृंदावन के बिहार घाट पर समाजसेवी दीपक शर्मा ने यमुना प्रदूषण के विरोध में सात दिन और सात रात के अनशन की शुरुआत की। उन्होंने हनुमान जी का प्रतीकात्मक रूप धारण कर मुख्य नाले के ऊपर बैठकर आंदोलन शुरू किया।
दीपक शर्मा का आरोप है कि गंदे नालों का पानी लगातार मां यमुना में गिर रहा है, जिससे नदी का प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि उन्होंने पहले भी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन किया था और समस्या को देश-विदेश तक पहुंचाया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 51(ए) का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण और प्राकृतिक धरोहरों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। इसी भावना के साथ वे यमुना संरक्षण के लिए यह आंदोलन कर रहे हैं।
समाजसेवी ने ब्रजवासियों, संत समाज और यमुना भक्तों से इस अभियान में सहयोग देने तथा यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए आगे आने की अपील भी की है।