मथुरा। अखिल भारतीय समता फाउंडेशन ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में शनिवार को प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। संगठन के कार्यकर्ताओं ने कृष्णा नगर बिजलीघर से भूतेश्वर तक पैदल मार्च निकाला, केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और हाथों में तख्तियां लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता रमेश सैनी ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आए पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जिससे युवाओं का व्यवस्था पर विश्वास कमजोर हुआ है।
रमेश सैनी ने मांग की कि पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। (यह प्रदर्शनकारियों की मांग और आरोप हैं।)
प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक से प्रभावित अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता देने की भी मांग की। उनका कहना था कि वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षाओं में शामिल होने वाले युवाओं को बार-बार परीक्षा रद्द होने और अनियमितताओं का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अखिल भारतीय समता फाउंडेशन के अध्यक्ष लुकेश कुमार राही ने बताया कि यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और सोनम वांगचुक के समर्थन में जारी भूख हड़ताल के समर्थन में आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहा है और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि 20 जुलाई को संगठन के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन में शामिल होंगे। वहां वे सोनम वांगचुक के समर्थन के साथ शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के हितों की सुरक्षा की मांग को और मजबूती से उठाएंगे।