पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तान की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI-F) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्हें राजनीति करनी है तो पहले वर्दी उतारें, अपनी पार्टी बनाएं और जनता के बीच जाकर चुनाव लड़ें। उन्होंने साफ कहा कि सरकार बनाना या गिराना सेना का नहीं, बल्कि जनता का अधिकार है।
फजलुर रहमान ने एक जनसभा में पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि बलूचिस्तान और पश्तून इलाकों में सरकार का नियंत्रण कमजोर पड़ चुका है। उनके मुताबिक हाल के दिनों में इन क्षेत्रों में 50 से अधिक लोगों के शव पहुंचे हैं और हालात इतने खराब हैं कि लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। उन्होंने आतंकवाद के नाम पर आम नागरिकों को हथियार देने या मिलिशिया बनाने के विचार का भी विरोध किया।
यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी राजनीतिक अधिकारों, बेहतर प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधित्व की मांग कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फजलुर रहमान के इस बयान से पाकिस्तान में सेना की राजनीतिक भूमिका को लेकर चल रही बहस और तेज हो सकती है।