राजस्थान की राजधानी जयपुर में पैरामेडिकल परीक्षा में नकल कराने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर लाखों रुपये लेकर करीब 45 छात्रों को नकल के जरिए पास कराने की साजिश रचने का आरोप है।
जांच में सामने आया कि इस पूरे रैकेट में दो निजी कॉलेजों के संचालक, विभागाध्यक्ष (एचओडी) और लेक्चरर भी शामिल थे। आरोपियों ने परीक्षा केंद्र पर अपने पसंद के कक्ष निरीक्षक (इनविजिलेटर) तैनात कराने की योजना बनाई थी, ताकि कमजोर छात्रों को परीक्षा के दौरान नकल कराई जा सके।
पुलिस को गुप्त सूचना मिलने के बाद विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से छात्रों के नाम, रुपये के हिसाब-किताब वाली डायरी, प्रवेश पत्रों की प्रतियां और मोबाइल फोन से परीक्षा में धांधली से जुड़े कई अहम साक्ष्य बरामद हुए।
पुलिस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से परीक्षा में बड़े स्तर पर नकल कराने की साजिश नाकाम हो गई। गिरफ्तार सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल थे।