गोवर्धन के जतीपुरा स्थित प्रसिद्ध मुखारविंद मंदिर एक बार फिर विवादों में आ गया है। मंदिर की वित्तीय व्यवस्था को लेकर करीब 40 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया गया है, जिसके बाद मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठने लगी है।
जानकारी के अनुसार, सेवायत परिवार के सदस्य अंकित कौशिक ने मंदिर की आय और वित्तीय लेनदेन में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मंदिर की आय और दान राशि के उपयोग को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनकी जांच आवश्यक है।
वहीं दूसरी ओर मंदिर प्रशासन और रिसीवर पक्ष ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि मंदिर की समस्त वित्तीय गतिविधियां नियमानुसार संचालित की जा रही हैं और लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
गौरतलब है कि गोवर्धन क्षेत्र के मंदिरों में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में न्यायालय और प्रशासनिक स्तर पर निगरानी की मांग समय-समय पर उठती रही है।
अब 40 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के आरोपों के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की नजरें जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। यदि मामले की जांच होती है तो मंदिर की वित्तीय व्यवस्था से जुड़े कई पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल आरोप और प्रत्यारोप के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।