वृंदावन के चर्चित विकास गर्ग हत्याकांड में अदालत ने बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी महिला सहित तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट राजेश पाराशर की अदालत ने दोषियों पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस तरह तीनों आरोपियों पर कुल साढ़े चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
शासकीय अधिवक्ता मुकेश गोस्वामी ने बताया कि मूल रूप से राजस्थान के श्रीगंगानगर निवासी विकास कुमार गर्ग वृंदावन में पूर्व पार्षद पूजा जोग के साथ मिलकर चाय की कैंटीन का संचालन करते थे। कारोबार और पैसों के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया था। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते पूजा जोग ने विकास गर्ग की हत्या की साजिश रची।
अभियोजन पक्ष के अनुसार पूजा जोग ने राजस्थान से रणमीत सिंह उर्फ राजन और अमन पुंशी नामक दो भाड़े के शूटरों को वृंदावन बुलाया। 25 अक्टूबर 2023 की रात इस्कॉन मंदिर के पीछे स्थित राधाकृष्ण भवन में तीनों ने मिलकर विकास गर्ग पर लोहे की रॉड और अन्य घातक हथियारों से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण विकास गर्ग की मौके पर ही मौत हो गई थी।
घटना के बाद मृतक के भाई नितिन गर्ग ने 26 अक्टूबर 2023 को थाना वृंदावन में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्य, गवाहों के बयान और न्यायालय में प्रस्तुत चार्जशीट के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए पूजा जोग, रणमीत सिंह और अमन पुंशी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। इस फैसले को हत्या के इस चर्चित मामले में पीड़ित परिवार के लिए बड़ी न्यायिक राहत माना जा रहा है।