उत्तर प्रदेश में बढ़ती बिजली कटौती और ट्रिपिंग की शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अनावश्यक बिजली कटौती, ओवरबिलिंग और ट्रिपिंग अब किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रिकॉर्ड बजट उपलब्ध कराया है। ऐसे में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि “न पैसे की कमी है, न बिजली की और न संसाधनों की, इसलिए व्यवस्था सुधारें अन्यथा कार्रवाई तय है।”
सीएम योगी ने लगातार मिल रही ट्रिपिंग की शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए सभी फीडरों की तकनीकी जांच कराने और कमजोर स्थानों को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां जरूरत हो वहां ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई जाए ताकि ओवरलोडिंग की समस्या खत्म हो सके।
मुख्यमंत्री ने बिलिंग व्यवस्था को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर उपभोक्ता को समय पर स्पष्ट और सही बिल मिलना चाहिए। फॉल्स और ओवरबिलिंग जैसी शिकायतें विभाग की साख को नुकसान पहुंचाती हैं।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अब तक 31 लाख उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से जोड़ा जा चुका है और इस योजना को ब्लॉक स्तर तक तेजी से बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने लाइन लॉस कम करने, पारेषण और वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण तथा नई बिजली परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश भी दिए। साथ ही किसानों को प्रधानमंत्री कुसुम योजना से जोड़कर कृषि फीडरों के सौर ऊर्जा आधारित संचालन पर जोर दिया।