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Friday, April 4, 2025

संस्कृति विवि के कैंपस टू के सेमिनार हाल में ह्रदय रोगों संबंधी कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थी और शिक्षक

संस्कृति विवि में हुई ह्रदय रोगों के प्रारंभिक उपचार के महत्व पर चर्चा
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के कार्डियोवेस्कुलर टेक्नोल़ॉजी विभाग द्वारा ‘ह्रदय से हर दिल का उपचार’ थीम पर ह्रदय रोगों के प्रति जागरूकता का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने ह्रदय संबंधी रोगों में प्रारंभिक उपचार पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि हम अपने ह्रदय को रोगों से कैसे स्वस्थ रख सकते हैं।
विश्वविद्यालय के कैंपस दो के सेमिनार हाल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ परंपरागत रूप से हुआ। कार्यक्रम के दौरान संस्कृति स्कूल आफ नर्सिंग के प्राचार्य डा. केके पाराशर ने विद्यार्थियों और टेक्निशियनों को संबोधित करते हुए कहा कि आप टेक्निशियन हैं तो जहां जरूरत पड़े आगे बढ़कर मदद करें। उनका कहना था कि जो लोग प्रारंभिक उपचार को जानते हैं उनको किसी की साहयता करने में पीछे नहीं हटना चाहिए। अक्सर देखने में आया है कि रास्ता चलते यदि कोई व्यक्ति अचानक ह्रदयघात से गिर जाता है तो जानकार लोग मदद करने से पीछे हट जाते हैं जबकि व्यक्ति को तुरंत प्रारंभिक उपचार देकर अस्पताल अथवा डाक्टर के पास लेजाकर उसकी जान बचायी जा सकती है। उन्होंने बताया कि कार्डियो वास्कुलर टेक्नोलॉजी का इसी परिप्रेक्ष्य में उपयोग किया जाता है।
कार्यक्रम के संयोजक संस्कृति स्कूल आफ एसओएमएएस के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. गौरांग सरवांग ने कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जागरूकता के लिए ऐसे कार्यक्रमों को विश्वस्तर पर आयोजित किया जाता है। इससे न केवल लोग जागरूक होते हैं वहीं जानकार लोगों को दूसरों की मदद के लिए प्रेरित किया जाता है। एसओएमएएस विभाग के अध्यक्ष डा. आरपी जयसवाल ने बताया कि किस तरह से आवश्यकता पड़ने पर ह्रदय रोगी को प्रारंभिक उपचार दिया जाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान असिस्टेंट प्रोफेसर वैभव सिहं ने वातरोग्रस्त ह्रदय रोग को पीपीटी के माध्यम से विद्यार्थियों को समझाया। वहीं द्वितीय वर्ष के छात्र अभिनव ने हार्ट एटोनामी एंड फिजियोलाजी के बारे में पीपीटी के माध्यम से विस्तृत प्रकाश डाला। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में लगभग सौ से अधिक विद्यार्थी मौजूद रहे। अंत में असिस्टेंट प्रोफेसर गौरव सरवांग ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर संस्कृति एसओएमई(स्कूल आफ मेडिकल एंड एलाइड साइंसेज) विभाग के डा. गौरव चौधरी द्वारा एक पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता के समन्वयक जगदीश सिंह ने बताया कि पोस्टर प्रतियोगिता में कुल 40 विद्यार्थियों ने भाग लिया और 17 पोस्टर तैयार किए। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान बीएससी सीवीटी की छात्रा किरन जोत और स्पर्धा झा ने प्रथम पुरस्कार जीता। दूसरे स्थान पर छात्रा संजना शिवानी और तीसरा पूरुस्कार छात्रा मुस्कान ने हासिल किया।

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