उत्तर प्रदेश के अमेठी में मतदाता सूची को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के चलते कई जीवित लोगों के नाम सूची से गायब हैं, जबकि मृत व्यक्तियों के नाम अब भी दर्ज हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। वहीं, उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची की प्रविष्टियों की जांच को लेकर चुनाव आयोग भी सख्ती बरत रहा है।
अमेठी में मतदाता सूची को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सूची तैयार करने के दौरान अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि पात्र और जीवित मतदाताओं के नाम काट दिए गए, जबकि मृत व्यक्तियों के नाम सूची में बने हुए हैं।
ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मतदाता सूची में जरूरी संशोधन करने की मांग उठाई है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।
वहीं, उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया में सामने आई गड़बड़ियों को देखते हुए चुनाव अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं। चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और शिकायतों का समय पर निस्तारण करने पर जोर दिया जा रहा है।