धर्मनगरी मथुरा में श्री रामलीला सभा मथुरा के तत्वावधान में आयोजित 21 दिवसीय श्री रामलीला महोत्सव का समापन गुरुवार देर शाम श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक एवं राजगद्दी तिलक समारोह के साथ श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण वातावरण में हुआ। प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक के पावन प्रसंग ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रभु श्रीराम के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की।
समारोह में परम श्रद्धेय पूज्य गुरुजी महाराज कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके सानिध्य से आयोजन की आध्यात्मिक गरिमा और बढ़ गई। श्रद्धालुओं ने गुरुजी महाराज की उपस्थिति को अपने लिए सौभाग्य और आध्यात्मिक आनंद का अवसर माना। धार्मिक वातावरण के बीच भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा।
श्रीराम के आदर्शों का दिया संदेश
भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक रामायण का एक महत्वपूर्ण प्रसंग है, जो सत्य, धर्म, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा, न्याय और आदर्श शासन व्यवस्था का संदेश देता है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने अपने जीवन में सदैव मर्यादा, न्याय और लोककल्याण को सर्वोपरि रखा। उनका जीवन समाज को सत्य एवं धर्म के मार्ग पर चलने और अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की प्रेरणा देता है।
श्री रामलीला महोत्सव के अंतर्गत आयोजित राजगद्दी तिलक समारोह ने श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के इन्हीं आदर्शों का स्मरण कराया। भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के माध्यम से धर्म की विजय, अधर्म पर सत्य की जीत और लोककल्याण की भावना का संदेश जनमानस तक पहुंचाया गया।
21 दिनों तक रामायण के प्रसंगों का हुआ मंचन
श्री रामलीला सभा मथुरा द्वारा आयोजित 21 दिवसीय महोत्सव के दौरान भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से रामायण की महत्ता और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। महोत्सव के अंतिम दिन राज्याभिषेक समारोह के साथ रामलीला का विधिवत समापन हुआ। इस पावन अवसर ने श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
रामलीला सभा के पदाधिकारी और गणमान्य लोग रहे मौजूद
भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक समारोह में श्री रामलीला सभा के अध्यक्ष जयंतीलाल अग्रवाल, प्रधानमंत्री मूलचंद गर्ग, रविकांत गर्ग, हिंदूवादी नेता गोपी सिंह चतुर्वेदी तथा श्रीकृष्ण जन्मभूमि सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा सहित शहर के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों एवं पदाधिकारियों ने भगवान श्रीराम, माता सीता, भरत और शत्रुघ्न का राज्याभिषेक किया। समारोह भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ और 21 दिवसीय श्री रामलीला महोत्सव की स्मृतियों के साथ श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।