धर्मनगरी वृंदावन में विजयदशमी का पर्व श्रद्धा और परंपरागत उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्री रंगनाथ मंदिर में शमी पूजन और शस्त्र पूजन का विशेष आयोजन हुआ। भगवान रंगनाथ स्वर्ण अश्व पर विराजमान होकर शमी वृक्ष के पास पहुंचे। भगवान के इस अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा।
मथुरा के वृंदावन स्थित प्रसिद्ध श्री रंगनाथ मंदिर में विजयदशमी के अवसर पर सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया गया। उत्सव के अंतर्गत भगवान रंगनाथ पालकी में विराजमान होकर मंदिर के बड़े बगीचे पहुंचे, जहां उन्होंने विश्राम किया और भोग प्रसाद ग्रहण किया।
इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान रंगनाथ स्वर्ण अश्व पर सवार होकर शमी वृक्ष के समीप पहुंचे। यहां मंदिर के पुरोहितों ने विधि-विधान के साथ कलश और शमी वृक्ष का पूजन कराया। परंपरा के अनुसार भगवान के धनुष-बाण सहित शस्त्रों का पूजन किया गया और शस्त्र परीक्षण की रस्म निभाई गई। इस दौरान कुंभ आरती भी उतारी गई।
हाथ में भाला और घोड़े की लगाम थामे, बेशकीमती आभूषणों से सुसज्जित भगवान रंगनाथ के दिव्य स्वरूप ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। दर्शन के लिए पहुंचे भक्तों ने जयकारे लगाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद भगवान की सवारी वापस मंदिर पहुंची।