धर्मनगरी वृंदावन स्थित शक्तिपीठ मां कात्यायनी मंदिर में विजयादशमी का महापर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। मंदिर के मुख्य पुजारी कमल तिवारी और ट्रस्टी सिद्धार्थ सहाय ने शमी वृक्ष का महाभिषेक कर विधि-विधान से पूजन किया। इसके साथ ही मंदिर परिसर में शास्त्रों की भी पूजा-अर्चना की गई। वैदिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुए इन अनुष्ठानों के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया।
विजयादशमी के अवसर पर मां कात्यायनी मंदिर में सुबह से ही धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गईं। मंदिर के मुख्य पुजारी कमल तिवारी और ट्रस्टी सिद्धार्थ सहाय ने शमी वृक्ष का महाभिषेक किया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ शमी वृक्ष का पूजन-अर्चन संपन्न हुआ।
सनातन परंपरा में विजयादशमी के दिन शमी वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शमी पूजन सुख-समृद्धि, मंगल और विजय का प्रतीक है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए मंदिर में विशेष पूजा की गई और श्रद्धालुओं ने मां भगवती का स्मरण कर सुख-शांति की कामना की।
वहीं, विजयादशमी के पावन पर्व पर मंदिर परिसर में शास्त्रों का भी विधि-विधान से पूजन किया गया। धार्मिक परंपरा में शस्त्र और शास्त्र पूजन को विशेष महत्व दिया जाता है। यह पर्व धर्म की स्थापना, सत्य की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है।
वृंदावन के मां कात्यायनी मंदिर में विजयादशमी का यह आयोजन धार्मिक आस्था और सनातन परंपराओं के संरक्षण का प्रतीक बना। शमी वृक्ष के महाभिषेक और शास्त्र पूजन के माध्यम से श्रद्धालुओं ने धर्म, मर्यादा और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।