मथुरा में आशा कार्यकर्ताओं और संगिनियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश आशा कार्यकर्ती संगिनी श्रमिक संघ, मथुरा के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और 28 हजार रुपये मासिक वेतन निर्धारित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि उन्होंने 1 अक्टूबर को अपनी 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे आशा कार्यकर्ताओं और संगिनियों में नाराजगी है।
संगठन की महिला पदाधिकारियों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को उठा रही हैं। उनकी प्रमुख मांगों में सरकारी कर्मचारी का दर्जा और निर्धारित वेतन के साथ अन्य लंबित मांगों का समाधान शामिल है।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो 23 अक्टूबर को लखनऊ में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल और उग्र आंदोलन करने की चेतावनी भी दी।
अब देखना होगा कि आशा कार्यकर्ताओं की मांगों पर प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।