वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य को लेकर फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चिंता जताई है। पत्र में उन्होंने महाराज की सुरक्षा और इलाज को लेकर कई मांगें रखी हैं।
फलाहारी महाराज ने आरोप लगाया कि आश्रम की संपत्ति को लेकर दो गुटों के बीच विवाद चल रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ लोग निजी चिकित्सकों के साथ मिलकर प्रेमानंद महाराज को नुकसान पहुंचाने की साजिश कर सकते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ाने, आश्रम में रहने वाले संदिग्ध लोगों का पुलिस वेरिफिकेशन कराने और महाराज को भोजन देने से पहले उसकी जांच कराने की मांग की है।
इसके साथ ही डायलिसिस के लिए विशेष सरकारी चिकित्सकों की टीम गठित करने की भी मांग की गई है। फलाहारी महाराज ने कहा है कि यदि जरूरत पड़ी तो वह प्रेमानंद महाराज को अपनी किडनी देने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि महाराज की सुरक्षा और इलाज की उचित व्यवस्था नहीं की गई तो संत समाज की ओर से आमरण अनशन किया जाएगा।