11वें आयुर्वेद दिवस 2026 के सफल आयोजन को लेकर जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में आयुष विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और 23 सितम्बर को जनपदभर में आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. डिगम्बर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी प्रशांत कुमार सुचारी, जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी योगेंद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक राघवेंद्र सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
“स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” होगी मुख्य थीम
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इस वर्ष आयुर्वेद दिवस “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद (Ayurveda for a Healthier Tomorrow)” थीम तथा “One Health, One Future: Integrating Ayurveda Science through Evidence, Innovation and Holistic Care” टैगलाइन के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम केवल औपचारिक न होकर आमजन की भागीदारी वाले होने चाहिए।
तीन प्रमुख विषयों पर होंगे विशेष कार्यक्रम
शासन के निर्देशानुसार जनपद में निम्न विषयों पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी—
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बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के लिए समग्र स्वास्थ्य देखभाल।
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आयुर्वेद में साक्ष्य, अनुसंधान एवं नवाचार।
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सामुदायिक कल्याण और सतत जीवन के लिए आयुर्वेद।
कलेक्ट्रेट में लगेगा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर
जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी को निर्देशित किया कि 23 सितम्बर को कलेक्ट्रेट परिसर में वृहद निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाए। इसके अलावा जिले के सभी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में धन्वंतरि पूजन, स्वास्थ्य परीक्षण एवं आयुर्वेद परामर्श शिविर लगाए जाएंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी और आयुष विभाग संयुक्त रूप से इंटीग्रेटिव हेल्थ केयर पर संयुक्त ओपीडी तथा प्रकृति परीक्षण शिविर भी संचालित करेंगे, जिससे लोगों को समग्र स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।