राधाष्टमी मेले में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के दावों के बावजूद राधारानी मार्ग पर अचानक भगदड़ जैसे हालात बन गए, जहां 18-19 वर्षीय एक युवती भीड़ के पैरों तले दबने से बाल-बाल बच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राधारानी मार्ग पर लगाई गई बांस-बल्लियों और बैरिकेडिंग के कारण रास्ता संकरा हो गया था। जैसे-जैसे श्रद्धालुओं का दबाव बढ़ता गया, एक स्थान पर भीड़ रुक गई और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते अफरा-तफरी का माहौल बन गया और श्रद्धालु जान बचाने के लिए इधर-उधर निकलने लगे।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई लोग बैरिकेडिंग के ऊपर चढ़कर निकलने का प्रयास करने लगे, जबकि कुछ श्रद्धालुओं ने नीचे से रास्ता बनाने की कोशिश की। इसी दौरान एक युवती भीड़ में गिर गई और लोगों के पैरों के नीचे दबने लगी। आसपास मौजूद श्रद्धालुओं ने तत्परता दिखाते हुए उसे बाहर निकाला, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
हालात बिगड़ते देख कुछ लोगों ने रास्ते में लगी बांस-बल्लियों को तोड़कर भीड़ के लिए वैकल्पिक रास्ता बनाया। घटना के दौरान श्रद्धालुओं में भय और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
राधाष्टमी मेले में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इतनी विशाल भीड़ के बावजूद क्या भीड़ प्रबंधन और बैरिकेडिंग की व्यवस्था पर्याप्त थी, या फिर प्रशासन को भविष्य के लिए सुरक्षा इंतजामों की नई रणनीति बनानी होगी।