वृंदावन में ध्रुपद सम्राट स्वामी हरिदास जी को समर्पित वार्षिक संगीत एवं नृत्य महोत्सव की शुरुआत भव्य अंदाज़ में हुई। कथक, सितार, संतूर और शास्त्रीय गायन की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पहली ही संध्या को रसिकों के लिए यादगार बना दिया।
रमणरेती स्थित वन महाराज कॉलेज परिसर में आयोजित स्वामी हरिदास संगीत-नृत्य महोत्सव का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
पहली संध्या में बनारस घराने के कथक नर्तक विशाल कृष्ण और वसुंधरा ने श्रीराधा-कृष्ण मिलन तथा महारास की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर दर्शकों को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। तीन ताल की जुगलबंदी और पारंपरिक बनारस थाली नृत्य विशेष आकर्षण रहे।
इसके बाद मध्यप्रदेश की संस्कृति और प्रकृति बहनों ने सितार और संतूर की जुगलबंदी से सुरों का मनमोहक समां बांधा। वहीं स्वामी हरिदास संगीत अकादमी के कलाकारों ने निदेशक अजित सिंह के निर्देशन में कथक की बारीकियों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
तबले पर आनंद मिश्रा, पखावज पर प्रखर विजयवर्गीय, सितार पर आशीष कुमार और गायन में जयवर्धन दधीचि की संगत ने संध्या को अविस्मरणीय बना दिया।