आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट और आरपीएफ के बीच हुई मारपीट के चर्चित मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट की अदालत ने डीएसएस नरेंद्र सिंह चाहर समेत 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।
यह मामला आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हीराकुंड एक्सप्रेस के ठहराव के दौरान हुए विवाद से जुड़ा है। आरोप है कि महिला यात्री की मदद को लेकर शुरू हुई कहासुनी ने मारपीट का रूप ले लिया था, जिसमें रेलवे के दो विभाग आमने-सामने आ गए थे।
आरपीएफ के एएसआई मेघराज मीणा ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट नरेंद्र सिंह चाहर और अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट व अभद्रता की। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने जीआरपी कैंट थाने को डीएसएस समेत 10 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि इसी घटना में पहले रेलवे प्रशासन चार आरपीएफ कर्मियों को निलंबित कर चुका है और विभागीय जांच भी जारी है। अब अदालत के आदेश के बाद पूरे मामले की कानूनी जांच नए सिरे से आगे बढ़ेगी।