ब्रज में फिर लौट आई है वही दिव्यता… वही उल्लास… वही इंतज़ार। क्योंकि आने वाला है वह पावन क्षण, जब पूरी दुनिया भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव मनाएगी। और अपने लाडले कान्हा के स्वागत में मथुरा-वृंदावन दुल्हन की तरह सजने लगा है। नगर निगम और जिला प्रशासन जन्माष्टमी को भव्य और दिव्य बनाने के लिए दिन-रात तैयारियों में जुटे हैं।
कान्हा की नगरी की हर गली, हर चौराहा और हर मंदिर मार्ग इन दिनों नए रंगों में रंगता दिखाई दे रहा है। दीवारों पर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं, रास लीला और श्रीमद्भगवद्गीता के प्रसंगों को आकर्षक वॉल पेंटिंग के माध्यम से जीवंत किया जा रहा है।
वहीं प्रेम मंदिर, बांके बिहारी मंदिर, श्रीकृष्ण जन्मभूमि, इस्कॉन मंदिर और प्रमुख परिक्रमा मार्गों को लाखों रंग-बिरंगी एलईडी लाइटों से सजाया जा रहा है। जैसे-जैसे रात ढलती है, पूरा मथुरा-वृंदावन रोशनी से जगमगा उठता है और ऐसा प्रतीत होता है मानो वैकुंठ धाम स्वयं धरती पर उतर आया हो।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने भी व्यापक इंतज़ाम किए हैं। पूरे शहर में बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए अलग-अलग रूट, होल्डिंग एरिया और यातायात की विशेष योजना भी लागू की जा रही है।
नगर निगम का लक्ष्य है कि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और दिव्य वातावरण में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आनंद मिल सके। जन्माष्टमी की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं और पूरा ब्रज अपने आराध्य के स्वागत में पूरी श्रद्धा से सज चुका है।