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Sunday, 16 Aug 2026
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पतंग उड़ाते ही 17 साल के किशोर के शरीर में दौड़ा करंट, हाईटेंशन वायर से टकराया मांझा - हालत गंभीर

नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर थाना क्षेत्र के पुराना कुंडली इलाके में पतंग उड़ाते समय 17 वर्षीय किशोर के साथ दर्दनाक हादसा हो गया। पतंग का मांझा हाईटेंशन बिजली लाइन से जा टकराया, जिसके बाद मांझे को खींचते ही किशोर करंट की चपेट में आ गया और उसके शरीर में आग लग गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

बताया जा रहा है कि किशोर अपने घर के पास पतंग उड़ा रहा था। इसी दौरान पतंग ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन में फंस गई। किशोर ने जैसे ही पतंग को निकालने के लिए मांझे को खींचा, अचानक बिजली का करंट मांझे में उतर आया और वह गंभीर रूप से झुलस गया।

हादसे का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें किशोर के करंट की चपेट में आने के बाद आग की लपटों से घिरने की घटना दिखाई दे रही है। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और लोगों ने तत्काल किशोर को बचाने का प्रयास किया।

गंभीर रूप से झुलसे किशोर को तत्काल इलाज के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए उसे सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल किशोर की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

हादसे के बाद इस्तेमाल किए गए मांझे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने इसे चाइनीज मांझा बताया है। हालांकि, मांझे की वास्तविक प्रकृति और उसमें करंट पहुंचने की वजह को लेकर स्थिति जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।

मकान मालिक के अनुसार, किशोर पतंग उड़ा रहा था और पतंग हाईटेंशन लाइन में फंस गई थी। जैसे ही किशोर ने मांझे को खींचा, वह करंट की चपेट में आ गया और झुलस गया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया।

इस घटना ने एक बार फिर खतरनाक और प्रतिबंधित मांझे के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पतंग का मांझा अगर बिजली के तारों में फंस जाए तो उसके संपर्क में आने वाला व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस सकता है और जान भी जा सकती है।

गौरतलब है कि पतंग के मांझे से हादसों के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। कभी सड़क पर चलते दोपहिया वाहन सवार इसकी चपेट में आते हैं तो कभी मांझा बिजली के तारों में फंसने से करंट और आग जैसी घटनाएं सामने आती हैं।

फिलहाल इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रतिबंधित और खतरनाक मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रभावी रोक कब लगेगी, ताकि इस तरह के हादसों में मासूमों और आम लोगों की जान खतरे में न पड़े।

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