मथुरा जिले में छात्रवृत्ति योजना को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिले के 57 कॉलेजों ने अब तक छात्रवृत्ति से संबंधित विद्यार्थियों का डेटा लॉक नहीं किया है, जिससे हजारों छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
सामान्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति आवेदनों की प्रक्रिया में कॉलेज स्तर से डेटा का सत्यापन और उसे लॉक किया जाना बेहद जरूरी है। इसके लिए संबंधित कॉलेजों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को कई बार निर्देश दिए जा चुके हैं।
बताया जा रहा है कि विभाग की ओर से पत्र जारी करने के साथ-साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी कॉलेज प्रबंधन को समय पर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए, लेकिन इसके बावजूद 57 कॉलेजों की ओर से अब तक डेटा लॉक नहीं किया गया है।
विभाग ने कॉलेजों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय सीमा के भीतर छात्रवृत्ति डेटा लॉक किया जाए, ताकि पात्र विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। डेटा लॉक नहीं होने की स्थिति में आवेदन लंबित हो सकते हैं, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति पर पड़ सकता है।
अब विभाग की नजर इन 57 कॉलेजों पर है और कॉलेज प्रबंधन से जल्द से जल्द लंबित प्रक्रिया पूरी करने की उम्मीद की जा रही है। सवाल यह है कि आखिर बार-बार निर्देश के बावजूद कॉलेजों की ओर से छात्रवृत्ति डेटा लॉक करने में देरी क्यों की जा रही है?