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Tuesday, 04 Aug 2026
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बिहार में EO विमल कुमार की हत्या पर सियासी तूफान, तेजस्वी ने विधायक पर लगाए गंभीर आरोप - पत्नी ने कहा- मांगे जाते थे 25 से 50 लाख

बिहार के डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या का मामला अब सियासी रूप लेता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए। तेजस्वी ने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के डेहरी विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। हालांकि विधायक ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।

विमल कुमार डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद में एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के पद पर तैनात थे। शनिवार शाम एक सरकारी कार्यक्रम के बाद वह अपने ड्राइवर मिथिलेश कुमार के साथ रोहतास से पटना लौट रहे थे। इसी दौरान औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र में उनकी हत्या हो गई।

पुलिस जांच में ड्राइवर मिथिलेश के बयानों में कथित विरोधाभास सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार अधिकारी और ड्राइवर के बीच यात्रा के दौरान विवाद हुआ था और इसी के बाद हत्या की वारदात हुई। हालांकि मृतक अधिकारी के परिजन पुलिस की इस थ्योरी पर सवाल उठा रहे हैं और घटना के पीछे बड़ी साजिश होने की आशंका जता रहे हैं।

मामले में सबसे गंभीर आरोप विमल कुमार की पत्नी की ओर से लगाए गए हैं। उनका आरोप है कि डेहरी विधायक उनके पति को लगातार फोन करते थे और कभी 25 लाख तो कभी 50 लाख रुपये की मांग करते थे। पत्नी का आरोप है कि उनके पति गलत काम करने से इनकार करते थे और इसी वजह से उन पर दबाव बनाया जा रहा था।

मृतक की पत्नी ने विधायक पर अपने पति की हत्या करवाने का गंभीर आरोप भी लगाया है। हालांकि ये आरोप अभी जांच का विषय हैं और पुलिस की ओर से विधायक को इस हत्या का दोषी घोषित नहीं किया गया है।

मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए तेजस्वी यादव ने भी इन्हीं आरोपों को लेकर सरकार को घेरा। तेजस्वी ने दावा किया कि इस हत्याकांड में विधायक की भूमिका की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि परिवार द्वारा आरोप लगाए जाने के बावजूद विधायक के खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की गई।

तेजस्वी यादव ने पुलिस जांच के तरीके पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट सहित सभी साक्ष्यों की जांच पूरी होने से पहले ही हत्या को केवल ड्राइवर से जुड़े विवाद का परिणाम बताना उचित नहीं है।

तेजस्वी ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विमल कुमार के परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं और परिवार इस समय गहरे सदमे में है। उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा देने के साथ पीड़ित परिवार की सुरक्षा और मृतक अधिकारी की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की।

दूसरी तरफ डेहरी विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। विधायक का कहना है कि हत्या से एक दिन पहले एक कार्यक्रम में उनकी विमल कुमार से मुलाकात हुई थी और दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई थी।

विधायक ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते वह आम लोगों के काम को लेकर EO को फोन करते थे, लेकिन इसका कोई दूसरा अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। उन्होंने 25 लाख और 50 लाख रुपये मांगने के आरोपों को भी गलत बताया है।

विधायक का दावा है कि नगर परिषद की स्थानीय राजनीति के कारण कुछ लोग इस घटना में उनका नाम जोड़कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने भी मामले की निष्पक्ष जांच कराने और वास्तविक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।

इधर मामले में गिरफ्तार ड्राइवर की पत्नी ने भी नया दावा किया है। उसका आरोप है कि पुलिस ने दबाव डालकर उसके पति से अपराध कबूल कराया है। उसने अपने पति को साजिश के तहत फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

मामले में अलग-अलग दावे और आरोप सामने आने के बाद जांच को लेकर सवाल बढ़ गए हैं। हत्या के पीछे केवल रास्ते में हुआ विवाद था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी, अब पुलिस के सामने इसका खुलासा करना बड़ी चुनौती है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम यानी SIT भी जांच में जुटी है। मृतक के परिजनों के आरोप, ड्राइवर की भूमिका, कॉल रिकॉर्ड, फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य संभावित पहलुओं की जांच के बाद ही विमल कुमार हत्याकांड की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

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