थाना सदर क्षेत्र में मंगलवार को बिजली की हाईटेंशन लाइन पर काम करने के दौरान विद्युत विभाग का एक संविदाकर्मी करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। साथी कर्मचारी उसे आनन-फानन में उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर किया, लेकिन रास्ते में ही संविदाकर्मी ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद साथी संविदाकर्मियों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल में हंगामा किया।
मामला थाना सदर क्षेत्र के अंतर्गत राजीव भवन के समीप का बताया जा रहा है। यहां मंगलवार को विद्युत लाइन में आई खराबी को ठीक करने का काम किया जा रहा था। इसी दौरान बिजली विभाग में संविदा पर कार्यरत दीपक हाईटेंशन लाइन पर काम कर रहा था।
परिजनों के मुताबिक लाइन पर काम करने के दौरान अचानक विद्युत प्रवाह होने से दीपक तेज करंट की चपेट में आ गया। करंट लगते ही वह गंभीर रूप से झुलस गया। घटना की जानकारी मिलते ही अन्य विद्युत कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घायल दीपक को तत्काल उपचार के लिए मथुरा के जिला अस्पताल ले जाया गया।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने दीपक का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उसकी हालत बेहद गंभीर होने के कारण उसे बेहतर उपचार के लिए रेफर कर दिया गया। परिजन और कर्मचारी उसे दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही दीपक ने दम तोड़ दिया।
मृतक के भाई मोनू ने बताया कि दीपक पुत्र मोहन, निवासी औरंगाबाद, थाना सदर विद्युत विभाग में संविदाकर्मी के रूप में कार्यरत था। मंगलवार को भी वह रोजाना की तरह अपनी ड्यूटी पर गया था। आरोप है कि करीब 32 केवी की लाइन में खराबी होने के कारण दीपक उस पर काम कर रहा था, तभी अचानक लाइन में विद्युत प्रवाह हो गया और वह करंट की चपेट में आ गया।
दीपक की मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं घटना से नाराज अन्य विद्युत संविदाकर्मी भी जिला अस्पताल पहुंच गए। संविदाकर्मियों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों को उपलब्ध कराए जाने वाले सुरक्षा उपकरणों को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
संविदाकर्मियों का आरोप है कि हाईटेंशन विद्युत लाइनों पर काम करने के बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते। उनका कहना है कि बिजली की लाइनों पर काम करना बेहद जोखिम भरा होता है और सुरक्षा व्यवस्था में थोड़ी सी चूक भी कर्मचारी की जान पर भारी पड़ सकती है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण आए दिन संविदाकर्मी हादसों का शिकार होते हैं। कभी कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं तो कभी हादसे में उनकी जान चली जाती है। कर्मचारियों ने इस घटना के लिए जिम्मेदारी तय करने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग उठाई।
घटना की सूचना मिलने पर थाना सदर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनाक्रम की जानकारी जुटाते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
वहीं संविदाकर्मियों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से मृतक दीपक के परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा और नियमानुसार अन्य सहायता दिए जाने की मांग की है। इसके साथ ही हाईटेंशन लाइनों पर काम करने वाले सभी संविदाकर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है।
कर्मचारियों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए यह भी जांच होनी चाहिए कि लाइन पर काम करने के दौरान विद्युत आपूर्ति किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में चालू हुई। यदि सुरक्षा प्रक्रिया में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।