अरविंद केजरीवाल, E20 पेट्रोल, E20 Petrol Protest, केजरीवाल मार्च, PM आवास मार्च, दिल्ली पुलिस, AAP Protest, आम आदमी पार्टी, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, फिरोजशाह रोड, E20 फ्यूल पॉलिसी, एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल, 20 प्रतिशत एथेनॉल, 2.30 लाख याचिकाएं, पेट्रोल विवाद, दिल्ली प्रदर्शन, PM मोदी, E20 Petrol Controversy, Breaking News
E20 पेट्रोल को लेकर देश में छिड़ा विवाद अब सड़कों तक पहुंच गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल नीति के विरोध में प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें और पार्टी नेताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य AAP नेता फिरोजशाह रोड पर धरने पर बैठ गए।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार को अरविंद केजरीवाल करीब 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च के लिए निकले थे। आम आदमी पार्टी का कहना है कि उसके पास देशभर के लोगों द्वारा हस्ताक्षर की गई 2.30 लाख से अधिक याचिकाएं थीं, जिन्हें प्रधानमंत्री को सौंपा जाना था।
AAP लगातार E20 पेट्रोल यानी 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर सवाल उठा रही है। पार्टी की मांग है कि वाहन मालिकों को पेट्रोल पंप पर शुद्ध पेट्रोल और E20 पेट्रोल में से विकल्प चुनने की सुविधा मिलनी चाहिए। साथ ही पार्टी का कहना है कि यदि E20 पेट्रोल बेचा जा रहा है तो इसकी कीमत सामान्य पेट्रोल से कम होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री आवास की तरफ बढ़ रहे केजरीवाल और अन्य नेताओं को दिल्ली पुलिस ने फिरोजशाह रोड पर रोक दिया। पुलिस की ओर से इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग की गई थी।
मार्च रोके जाने के बाद अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित अन्य AAP नेता सड़क पर धरने पर बैठ गए। दिल्ली पुलिस के मुताबिक प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च के लिए अनुमति नहीं ली गई थी।
वहीं केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर E20 पेट्रोल को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को वाहन मालिकों की समस्याओं और चिंताओं को सुनना चाहिए। उन्होंने E20 को अनिवार्य करने का विरोध करते हुए उपभोक्ताओं को ईंधन चुनने का विकल्प देने की मांग दोहराई।
दूसरी तरफ केंद्र सरकार E20 पेट्रोल को देश की ऊर्जा सुरक्षा, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने और किसानों को लाभ पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताती रही है।