विश्व विख्यात मुड़िया पूर्णिमा मेला संपन्न होने के बाद रेलवे प्रशासन ने राहत की सांस ली है। 23 जुलाई से 31 जुलाई तक चले मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं ने ट्रेनों के माध्यम से मथुरा और गोवर्धन का रुख किया। यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने करीब दो दर्जन मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया और मथुरा जंक्शन पर व्यवस्थाओं को 2 अगस्त तक जारी रखा।
मेले के दौरान मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन से करीब 8 लाख 14 हजार यात्रियों का आवागमन हुआ, जबकि गोवर्धन रेलवे स्टेशन से 31 हजार 592 यात्रियों ने सफर किया। इस दौरान मथुरा जंक्शन से रेलवे को करीब 3 करोड़ 16 लाख 98 हजार 315 रुपये की आय हुई।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 450 जीआरपी और 350 आरपीएफ जवान तैनात किए गए थे। इसके अलावा 90 वाणिज्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और 90 टिकट चेकिंग स्टाफ की भी ड्यूटी लगाई गई। पूरे रेलवे परिसर की निगरानी 280 सीसीटीवी कैमरों के जरिए की गई।
यात्रियों को टिकट लेने में परेशानी न हो, इसके लिए दो दर्जन से अधिक अतिरिक्त टिकट विंडो खोली गईं और अतिरिक्त टिकट काउंटर की व्यवस्था की गई। मथुरा जंक्शन की प्रथम, द्वितीय और तृतीय एंट्री पर यात्रियों के लिए अस्थायी विश्राम गृह बनाए गए तथा जगह-जगह ट्रेनों की जानकारी देने के लिए टाइमिंग स्क्रीन भी लगाई गईं।