मथुरा। महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल में गंभीर मरीजों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया जा रहा 50 शैय्या क्रिटिकल केयर सेंटर तय समय सीमा बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। करीब 17 करोड़ 82 लाख रुपये की लागत वाली इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना के अधूरे निर्माण के चलते मरीजों को अभी भी इसके शुरू होने का इंतजार है।
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर योजना के तहत क्रिटिकल केयर सेंटर का निर्माण कार्य 15 फरवरी 2024 को शुरू किया गया था। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 15 जुलाई 2025 की समय सीमा निर्धारित की गई थी, लेकिन एक साल बीतने के बावजूद 14 जुलाई 2026 तक सेंटर का निर्माण कार्य अधूरा रहा।
इस क्रिटिकल केयर सेंटर के निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को दी गई है। तय समय में काम पूरा नहीं होने से निर्माण की रफ्तार और ठेकेदार की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
50 शैय्या क्रिटिकल केयर सेंटर के शुरू होने से गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल में ही बेहतर उपचार और आधुनिक क्रिटिकल केयर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। ऐसे मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों या शहरों की ओर जाने की जरूरत भी कम हो सकेगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रहा यह महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र आखिर कब तक बनकर तैयार होगा और जिले के गंभीर मरीजों को इसकी सुविधाओं का लाभ कब मिल पाएगा।