नेपाल के कई हिस्सों में सांप्रदायिक हिंसा के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। सुनसरी जिले से शुरू हुई हिंसा अब कई अन्य शहरों तक फैल चुकी है। आगजनी, पथराव, तोड़फोड़ और पुलिस के साथ झड़पों की घटनाओं के बाद प्रशासन ने छह से अधिक शहरों और संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया है। हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई पुलिसकर्मियों समेत दर्जनों लोग घायल हुए हैं। हालात को देखते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और कई इलाकों में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
बताया जा रहा है कि विवाद धार्मिक जुलूस के दौरान शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। हालात बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। हिंसा के बाद नेपाल सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री बलेन्द्र (बालेन) शाह ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं संसद में भी सरकार की कानून-व्यवस्था और हिंसा से निपटने के तरीके पर सवाल उठाए गए हैं