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Monday, 27 Jul 2026
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'जय जवान, जय किसान, जय युवा'... रेवंत रेड्डी का नया नारा, चुनाव लड़ने की उम्र 21 साल करने की मांग

देश की राजनीति में युवाओं की भागीदारी को लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने नया नारा दिया है— 'जय जवान, जय किसान, जय युवा'। साथ ही केंद्र सरकार से मांग की है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 25 साल से घटाकर 21 साल की जाए, ताकि युवाओं को देश की राजनीति में अधिक अवसर मिल सकें।

हैदराबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है और अब समय आ गया है कि उन्हें सिर्फ वोट देने का ही नहीं, बल्कि संसद और विधानसभा तक पहुंचने का भी अवसर मिले। इसी सोच के साथ उन्होंने ऐतिहासिक नारे 'जय जवान, जय किसान' में 'जय युवा' जोड़ने का प्रस्ताव रखा।

रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार से संविधान में संशोधन कर लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 साल से घटाकर 21 साल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आज 21 साल की उम्र में युवा IAS और IPS जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभा रहे हैं, तो फिर उन्हें विधायक और सांसद बनने का मौका क्यों नहीं मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगस्त के पहले सप्ताह में तेलंगाना विधानसभा और विधान परिषद का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। इस सत्र में चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष करने का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा जाएगा।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि इस मुद्दे पर महिलाओं को आरक्षण, निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने जैसे विषयों के साथ व्यापक चर्चा होनी चाहिए। उनका मानना है कि लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने से देश को नई सोच और नई ऊर्जा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं—CBSE, NEET और NET—के संचालन को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने केंद्र सरकार से छात्रों और उनके परिवारों के हितों की रक्षा के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की अपील की। साथ ही छात्र आंदोलनों के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने और पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग |

रेवंत रेड्डी का कहना है कि अगर देश के युवाओं को कम उम्र में नेतृत्व का अवसर मिलेगा तो लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी इस मांग पर केंद्र सरकार और अन्य राजनीतिक दलों की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

 
 
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