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Monday, 27 Jul 2026
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सीएचसी मांट में नवजात की मौत पर बवाल, परिजनों ने लापरवाही का लगाया आरोप

मथुरा (मांट)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मांट में नवजात शिशु की मौत के बाद सोमवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में नारेबाजी की और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि नवजात मृत अवस्था में पैदा हुआ था।

जानकारी के अनुसार, थाना मांट क्षेत्र के गांव नंद नगरिया निवासी भूदेवी, पत्नी रिंकू, को रविवार शाम प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मांट में भर्ती कराया गया था। रात करीब नौ बजे महिला ने एक पुत्र को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि जन्म के समय बच्चा पूरी तरह स्वस्थ था, लेकिन कुछ ही देर बाद अस्पताल कर्मियों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए उसे तत्काल किसी बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी।

परिजन नवजात को तुरंत वृंदावन के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण सीएचसी मांट पहुंचे और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि यदि समय पर उचित उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधा मिल जाती तो नवजात की जान बचाई जा सकती थी।

प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि रात की ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों के बयानों में विरोधाभास था, जिससे उन्हें लापरवाही की आशंका और अधिक गहरा गई। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।

वहीं, सीएचसी प्रभारी डॉ. जीतेश तिवारी ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नवजात शिशु मृत अवस्था में पैदा हुआ था। उनके अनुसार अस्पताल में सभी चिकित्सकीय प्रक्रियाएं निर्धारित मानकों के अनुसार अपनाई गईं और स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई।

फिलहाल इस घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यदि जांच के आदेश दिए जाते हैं तो पूरा सहयोग किया जाएगा। मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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