मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जल्द ही ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने वाली है। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) की करीब 470 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी अवस्थापना विकास परियोजनाओं को शासन की मंजूरी मिल गई है। इन परियोजनाओं में 3.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड, आधुनिक बस पार्किंग, नए संपर्क मार्ग और शहर के 17 प्रमुख चौराहों के जंक्शन सुधार का कार्य शामिल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष इन योजनाओं का प्रस्तुतीकरण भी किया जा चुका है।
योजना के तहत मछली फाटक से श्रीकृष्ण जन्मभूमि के गेट नंबर-3 तक लगभग 3.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में इस मार्ग पर रेलवे अंडरपास और सीमित भूमि होने के कारण सड़क चौड़ीकरण संभव नहीं है, जिसके चलते श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को अक्सर लंबे जाम का सामना करना पड़ता है। एलिवेटेड रोड बनने के बाद वर्तमान में 30 से 40 मिनट में तय होने वाला यह सफर घटकर मात्र 5 से 7 मिनट का रह जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा गोविंद नगर क्षेत्र में बसों के कारण लगने वाले जाम को समाप्त करने के लिए महाविद्या कॉलोनी में लगभग चार एकड़ भूमि पर आधुनिक ओपन बस पार्किंग विकसित की जाएगी। पार्किंग तक पहुंचने के लिए नया दो-लेन संपर्क मार्ग बनाया जाएगा। साथ ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि की ओर जाने वाले मार्ग को चौड़ा किया जाएगा तथा स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिए कैरिज-वे और फुटपाथ भी विकसित किए जाएंगे। इस कार्य पर लगभग 70 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए शहर के 17 प्रमुख तिराहों और चौराहों का जंक्शन इम्प्रूवमेंट किया जाएगा। इसमें टाउनशिप तिराहा, गोकुल तिराहा, कलेक्ट्रेट तिराहा, भूतेश्वर चौराहा, मंडी चौराहा, गोवर्धन चौराहा, गांधी पार्क तिराहा, प्रेम मंदिर जंक्शन, एसबीआई चौराहा और नया बस अड्डा सहित कई प्रमुख स्थान शामिल हैं। यहां लेन सेपरेटर, डिवाइडर, रोड मार्किंग, ग्रिल, स्पीड ब्रेकर, साइनेज, फुटपाथ और आवश्यकतानुसार पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
एमवीडीए की उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन के अनुसार इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाना भी है। इन योजनाओं के पूरा होने से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और मथुरा-वृंदावन के समग्र विकास को भी दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।