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Sunday, 26 Jul 2026
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15 फीट गहरे गड्ढे में डूबने से 6 साल के मासूम की मौत, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी पर लापरवाही के आरोप

ग्रेटर नोएडा से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां खुले और पानी से भरे गहरे गड्ढे ने एक मासूम की जान ले ली। नॉलेज पार्क क्षेत्र स्थित कलाधाम सोसाइटी में बोरिंग के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरने से 6 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी तथा ठेकेदार पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, मृतक बच्चे की पहचान अव्यान सूर्या के रूप में हुई है। वह अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था, तभी खेलते-खेलते करीब 15 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गया। बच्चों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकालकर अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बताया जा रहा है कि यह गड्ढा ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की ओर से बोरिंग कार्य के लिए कई दिन पहले खोदा गया था। हाल की बारिश के बाद इसमें पानी भर गया था, लेकिन न तो इसके चारों ओर बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी लापरवाही के कारण यह गड्ढा बच्चों के लिए मौत का जाल बन गया।

घटना के बाद सोसाइटी के लोगों ने अथॉरिटी और ठेकेदार के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि कुछ महीने पहले भी खुले गड्ढे में गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई थी। उस समय सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं हुआ। लोगों ने सभी निर्माण स्थलों पर तत्काल बैरिकेडिंग और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।

हादसे की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता ने कहा कि प्रथम दृष्टया बिना बैरिकेडिंग के गड्ढा छोड़ना गंभीर लापरवाही है और इसके लिए जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया है।

यह हादसा एक बार फिर निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है।

 
 
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