उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब भैरमपुर गांव निवासी राम सिंह एक हाथ में कुल्हाड़ी और दूसरे हाथ में प्रार्थना पत्र लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम कार्यालय पहुंच गया। उसने अधिकारियों के सामने भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और फिल्म घायल के मशहूर डायलॉग, "ये मजदूर का हाथ है कातिया..." का हवाला देते हुए चेतावनी भरे अंदाज में अपनी बात रखी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
राम सिंह ने खुद को पृथ्वीराज चौहान का वंशज बताते हुए दावा किया कि वह मजदूर है और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने आया है। उसने कहा कि व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने के लिए किसी न किसी को भगत सिंह बनना पड़ेगा।
हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद मामले का दूसरा पक्ष भी सामने आया। पड़ोसियों ने आरोप लगाया कि राम सिंह का उनके साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। उनका कहना है कि उसने रास्ता खोद रखा है, नाली बंद कर दी है और विरोध करने पर गाली-गलौज व प्रताड़ित करता है। पुलिस ने भी पड़ोसियों के बयान सामने आने की पुष्टि की है।