देशभर में बढ़ते साइबर अपराध के बीच मथुरा पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। हाल ही में की गई छापेमारी में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस अब उन म्यूल अकाउंट्स की जांच में जुटी है, जिनके जरिए साइबर ठगी की रकम इधर-उधर ट्रांसफर की गई। शुरुआती जांच में करीब 500 संदिग्ध बैंक खाते सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होने तक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
वीओ:
साइबर अपराध आज आम लोगों से लेकर हर वर्ग के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। इस पर लगाम लगाने के लिए मथुरा पुलिस लगातार अभियान चला रही है। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत के नेतृत्व में पहले साइबर अपराध के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में छापेमारी कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। अब उसी कार्रवाई से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस साइबर ठगी में इस्तेमाल हुए बैंक खातों की गहन जांच कर रही है।
एसपी ग्रामीण ने बताया कि छापेमारी के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस उन म्यूल अकाउंट्स की पड़ताल कर रही है, जिनमें साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। जांच का फोकस इस बात पर है कि ठगी की रकम किस तरह अलग-अलग खातों में भेजी गई और इस पूरे राउंडिंग नेटवर्क का संचालन कौन कर रहा था।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में करीब 500 म्यूल अकाउंट्स की पहचान हुई है, जिनका इस्तेमाल कथित रूप से साइबर ठगी की रकम को खपाने के लिए किया गया। इस मामले में अब तक 7 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगातार शिकायतें दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराधियों के साथ-साथ अपने बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले लोगों को भी किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है और जांच पूरी होने के बाद इस रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।