लखनऊ के अलीगंज में 15 लोगों की जान लेने वाली भीषण अग्निकांड की घटना के करीब एक महीने बाद अब प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिस इमारत में आग लगने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी, उसे गिराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। खास बात यह है कि भवन स्वामी ने खुद ही ध्वस्तीकरण का काम शुरू करा दिया है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की निर्धारित अदालत से ध्वस्तीकरण का आदेश मिलने के बाद अलीगंज स्थित उस व्यावसायिक भवन को गिराने की कार्रवाई शुरू हो गई है, जहां जून में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई थी। आदेश के बाद भवन स्वामी ने स्वयं मशीनें लगाकर अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू करा दी।
जांच में सामने आया था कि यह भवन मूल रूप से आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत था, लेकिन इसका व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा था। रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2016 में भी इस भवन के खिलाफ अवैध निर्माण को लेकर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी हुआ था, जिसे बाद में निरस्त कर दिया गया था। हादसे के बाद यही मामला फिर चर्चा में आया और दोबारा कार्रवाई की गई।
इस अग्निकांड के बाद प्रशासन ने शहरभर में अवैध व्यावसायिक भवनों, कोचिंग सेंटरों और अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच का अभियान भी तेज कर दिया है। मामले में कई अधिकारियों पर कार्रवाई और जांच भी जारी है।