दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग सेंटर हादसे में CBI ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी है। जांच एजेंसी ने वरिष्ठ MCD अधिकारियों को क्लीन चिट देते हुए कहा कि उनके खिलाफ अभियोजन चलाने योग्य कोई साक्ष्य नहीं मिले। हालांकि, तीन भवन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कर्तव्य में लापरवाही और ड्यूटी में चूक के पर्याप्त संकेत मिले हैं।
CBI की जांच के अनुसार, इन तीन अधिकारियों की लापरवाही के कारण भवन नियमों के पालन और निगरानी में गंभीर चूक हुई, जिसने 2024 में हुए उस हादसे में योगदान दिया, जिसमें तीन UPSC अभ्यर्थियों की बेसमेंट में पानी भरने से मौत हो गई थी।
जांच एजेंसी ने अदालत से कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की आपराधिक लापरवाही साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई का आधार नहीं बनता। अब अदालत 28 जुलाई को CBI की क्लोजर रिपोर्ट पर सुनवाई करेगी।