हरिद्वार में संत समाज के बीच एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव सामने आया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद से अलग होकर आश्रमों से जुड़े संतों ने “अखिल भारतीय संत आश्रम परिषद” नाम से नए संगठन का गठन किया है।
परिषद की पहली बैठक में नवनिर्वाचित अध्यक्ष स्वामी प्रबोधानंद ने कहा कि अखाड़ा परिषद सीमित संप्रदायों तक केंद्रित है, जबकि नया संगठन देशभर के 117 संप्रदायों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है।
उन्होंने बताया कि परिषद का मुख्य उद्देश्य आश्रमों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अवैध कब्जों के खिलाफ आवाज उठाना है। इसके तहत हरिद्वार स्थित आश्रमों में हो रहे कथित कब्जों की सूची तैयार की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन भी चलाया जाएगा।
महामंत्री राम विशाल दास ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी संस्था से प्रतिस्पर्धा करना नहीं है, बल्कि संतों और आश्रमों के अधिकारों की रक्षा करना है।