उत्तर प्रदेश सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। मथुरा के महर्षि दयानंद सरस्वती जिला चिकित्सालय में नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी के चलते मरीजों को इलाज और देखभाल में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि एक-एक नर्स को दर्जनों मरीजों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। देखिए यह रिपोर्ट...
महर्षि दयानंद सरस्वती जिला चिकित्सालय में इन दिनों नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी स्वास्थ्य सेवाओं पर सीधा असर डाल रही है। अस्पताल में बड़ी संख्या में नर्सिंग कर्मियों के स्थानांतरण और सेवानिवृत्ति के बाद रिक्त पद अब तक नहीं भरे जा सके हैं। इसका खामियाजा अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि कई वार्डों में एक नर्सिंग अधिकारी को 30 से 50 मरीजों तक की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। ऐसे में मरीजों को समय पर दवाएं देने, नियमित निगरानी रखने और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने में कठिनाई हो रही है।
अस्पताल प्रशासन भी इस समस्या को स्वीकार कर रहा है। इस संबंध में जब मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. नीरज अग्रवाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ की कमी काफी समय से बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि इस समस्या से शासन को अवगत करा दिया गया है और अतिरिक्त नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध कराने के लिए पत्र भी भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि जल्द ही नए नर्सिंग कर्मियों की तैनाती होगी, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज और देखभाल की सुविधा मिल सकेगी।
फिलहाल मरीजों और उनके परिजनों को उम्मीद है कि शासन जल्द रिक्त पदों को भरकर जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगा, ताकि किसी भी मरीज को स्टाफ की कमी के कारण परेशानी का सामना न करना पड़े।