बरेली में बोले जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती— गाय को पशु सूची से हटाकर 'राष्ट्रमाता' घोषित करने की मांग
बरेली। फरीदपुर के सत्संग भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ संरक्षण के मुद्दे पर सरकार को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि "गाय को पशु मानने वाली सरकार हमारी कैसे हो सकती है?"
शंकराचार्य ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है, लेकिन सरकार आज भी उसे पशु की श्रेणी में रखकर अंग्रेजों के समय की व्यवस्था का पालन कर रही है। उन्होंने कहा कि देशभर की यात्राओं के दौरान उन्हें ऐसा कोई व्यक्ति नहीं मिला जिसने गाय को केवल पशु माना हो, लेकिन सरकारी नीतियों और अभिलेखों में आज भी गाय को पशु की श्रेणी में रखा गया है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि गाय को पशु सूची से हटाकर 'राष्ट्रमाता' घोषित किया जाए। उनका कहना था कि आजादी के 78 वर्ष बाद भी सरकारें अंग्रेजों की बनाई नीतियों से पूरी तरह बाहर नहीं निकल सकी हैं।
शंकराचार्य ने यह भी सवाल उठाया कि यदि सरकार जनता की धार्मिक आस्था और भारतीय संस्कृति का सम्मान करती है, तो फिर उसी के अनुरूप निर्णय क्यों नहीं लिए जाते।