अयोध्या राम मंदिर में दान राशि के कथित गबन मामले की जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों की पड़ताल में सामने आया है कि दान गिनने वाली टीम में कार्यरत आरोपी लवकुश मिश्रा, जिसकी मासिक सैलरी करीब ₹12 हजार बताई जा रही है, उसने नौकरी मिलने के कुछ समय बाद ही जमीन खरीदकर करीब ₹24–25 लाख का दो मंजिला मकान बनवाना शुरू कर दिया।
जांच में सामने आया कि यह प्लॉट अयोध्या-लखनऊ हाईवे के पास उनकी पत्नी के नाम खरीदा गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार मकान का निर्माण पिछले साल शुरू हुआ था, लेकिन दान घोटाले का मामला सामने आने और गिरफ्तारी के बाद निर्माण कार्य अचानक बंद हो गया।
पड़ोसियों का कहना है कि लवकुश और उनका परिवार सामान्य जीवन जीता था और कभी आर्थिक रूप से संपन्न नहीं दिखा। ऐसे में इतनी कम आय में लाखों रुपये की संपत्ति खड़ी होने से जांच एजेंसियों का संदेह और गहरा गया है।
पुलिस पहले ही लवकुश मिश्रा सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान उनके घर से लाखों रुपये नकद बरामद होने का दावा किया गया है। पूरे मामले में करोड़ों रुपये की दान राशि के गबन की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है।