धर्मनगरी मथुरा में मुहर्रम के अवसर पर पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत को अकीदत और गम के साथ याद किया गया। जिलेभर में पारंपरिक ताजियों के जुलूस निकाले गए, जिनमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए।
सदर बाजार, डीग गेट, भरतपुर गेट, कठौती कुआं सहित शहर के विभिन्न मुस्लिम बहुल क्षेत्रों से निकले ताजिए होलीगेट, द्वारिकाधीश और चौक बाजार होते हुए करबला पहुंचे। देर रात गमगीन माहौल में ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
जुलूस के दौरान मातमी धुनों के बीच अंजुमनों ने मातम किया, जबकि युवाओं ने पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन किया। जगह-जगह सबीलें लगाई गईं और श्रद्धालुओं के बीच लंगर का वितरण भी किया गया। पूरे रास्ते "या हुसैन" की सदाएं गूंजती रहीं।
शिया समाज के लोगों ने बताया कि जनपद के इमामबाड़ों और घरों में मजलिसों का आयोजन कर हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद किया गया। वहीं, पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।