मथुरा की बिजली व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार आम जनता नहीं, बल्कि पुरातत्व विभाग ही बिजली विभाग की लापरवाही का शिकार बन गया। मामला कृष्णानगर बिजलीघर से जुड़ा है, जहां ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद 11 दिनों तक पुरातत्व विभाग के कार्यालय की बिजली गुल रही।
जानकारी के अनुसार, 13 जून को कंकाली स्थित पुरातत्व विभाग परिसर में लगे ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आ गई थी। इसके बाद विभाग के वरिष्ठ संरक्षण सहायक नितिन प्रिय राहुल ने कृष्णानगर बिजलीघर के अधिकारियों को लिखित शिकायत और कई बार मौखिक सूचना भी दी, लेकिन आरोप है कि बिजली विभाग ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
बिजली आपूर्ति बंद होने से विभाग में पेयजल और सिंचाई का संकट खड़ा हो गया। परिसर में मौजूद हजारों पेड़-पौधों को प्रतिदिन पानी नहीं मिल सका, जिससे उनके सूखने का खतरा पैदा हो गया। पुरातत्व विभाग के अधिकारी लगातार बिजली विभाग के चक्कर लगाते रहे, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
आरोप है कि जब यह मामला मीडिया के संज्ञान में आया और बिजली विभाग के अधिकारियों से जवाब-तलब शुरू हुआ, तब विभाग हरकत में आया। इसके बाद बुधवार शाम करीब 6 बजे नया ट्रांसफार्मर लगाया गया, जिससे 11 दिन बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब एक सरकारी विभाग की शिकायत पर भी 11 दिनों तक कार्रवाई नहीं होती, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान कितनी गंभीरता से किया जाता होगा। स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।