अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े विवाद के बाद अब मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि में भी दानपात्रों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। मंदिर प्रशासन ने दानपात्रों की सुरक्षा, चढ़ावे की गणना और निगरानी प्रक्रिया को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
हाल के दिनों में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के चढ़ावे और दान प्रबंधन को लेकर कुछ आरोप सामने आए थे, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। कुछ संतों और सामाजिक संगठनों ने दान राशि के उपयोग और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की थी। वहीं मंदिर प्रबंधन ने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर पर जांच कराने की मांग भी की है।
सूत्रों के अनुसार अब मंदिर परिसर में लगे दानपात्रों की निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा रहा है। दानपात्र खोलने, चढ़ावे की गणना और सुरक्षा से जुड़े सभी प्रोटोकॉल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे और किसी प्रकार की आशंका की गुंजाइश न रहे।
मंदिर से जुड़े मामलों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर न पड़े, इसके लिए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन दोनों सतर्क हैं। सुरक्षा एजेंसियां भी समय-समय पर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रही हैं।
फिलहाल दान प्रबंधन को लेकर उठे सवालों और आरोपों की विभिन्न स्तरों पर जांच की मांग जारी है, जबकि मंदिर प्रशासन पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रहा है।