गंगा दशहरा पर्व से ठीक पहले धर्मनगरी मथुरा में यमुना की स्वच्छता को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शहर के मसानी नाले के ओवरफ्लो होने का वीडियो सामने आया है, जिसमें नाले का गंदा और प्रदूषित पानी सीधे यमुना नदी में गिरता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि यह नाला सालभर यमुना में गंदा पानी छोड़ता रहता है।
कल गंगा दशहरा के अवसर पर लाखों श्रद्धालु यमुना में आस्था की डुबकी लगाएंगे। ऐसे में यमुना में गिरते गंदे पानी की तस्वीरों ने श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है। खास बात यह है कि एक दिन पहले ही मेयर विनोद अग्रवाल और नगर आयुक्त जग प्रवेश घाटों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेकर लौटे थे, लेकिन इसके बावजूद यमुना में गिरते नाले का वीडियो सामने आने से प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल पाठक ने इस मामले को गंभीर बताते हुए नगर निगम और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि गंगा दशहरा जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व से पहले नालों की सफाई और गंदे पानी को रोकने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि यमुना में प्रदूषित पानी का गिरना न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से भी जुड़ा विषय है।
वहीं वीडियो सामने आने के बाद अपर आयुक्त नगर निगम सौरभ सिंह ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि जानकारी मिलते ही संबंधित टीम को मौके पर भेजा गया और तत्काल प्रभाव से नाले के पानी को यमुना में जाने से रोकने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।