अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मथुरा स्थित संस्कृति विश्वविद्यालय में शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं निरोग जीवन का संकल्प लिया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम "स्वस्थ आयु के लिए योग" रही, जो बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक सक्रियता, मानसिक सतर्कता और बेहतर जीवन गुणवत्ता बनाए रखने पर केंद्रित है। इसी थीम को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में सुबह 6 बजे से 7:30 बजे तक राष्ट्रीय योग प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन योग प्रशिक्षक आशीष शर्मा ने किया, जिन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने योग को केवल व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने वाली जीवनशैली बताया। प्रतिभागियों ने योग के माध्यम से स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवन अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सचिन गुप्ता तथा सीईओ डॉ. मीनाक्षी शर्मा ने सभी को योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। उन्होंने बताया कि 21 जून वर्ष का सबसे लंबा दिन होने के साथ-साथ योग परंपरा में विशेष आध्यात्मिक महत्व भी रखता है।
कार्यक्रम में प्रति उपकुलपति डॉ. रघुराम भट्ट, डीन छात्र कल्याण डॉ. डी.एस. तोमर, डीन अकादमिक डॉ. गंगाधर, आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहनन, निदेशक डॉ. रजनी भट्ट, कुलसचिव रवि त्रिवेदी, प्रशासक अमित शर्मा सहित अनेक शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा नियमित योगाभ्यास और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संकल्प के साथ हुआ।