मथुरा जिला अस्पताल से मानवता, संघर्ष और बेटी के अटूट प्रेम की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। मध्य प्रदेश के मुरैना निवासी लक्ष्मीनारायण गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। डायबिटीज के कारण उनके पैरों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब उनके लिए चलना-फिरना लगभग नामुमकिन हो गया है।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के पास न व्हीलचेयर की व्यवस्था करने के पैसे हैं और न ही किसी अन्य साधन का सहारा। ऐसे मुश्किल समय में उनकी बेटी ही उनका सबसे बड़ा सहारा बनकर सामने आई। इलाज के लिए जब परिवार मथुरा के जिला अस्पताल पहुंचा, तो बेटी ने अपने पिता को कंधे पर बैठाकर अस्पताल के भीतर तक पहुंचाया।
यह मार्मिक दृश्य जिसने भी देखा, उसकी आंखें भर आईं। अस्पताल में मौजूद लोग बेटी के त्याग, सेवा और समर्पण की सराहना करते नजर आए। बेटी का कहना है कि पिता लंबे समय से बीमार हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है, लेकिन वह अपने पिता के इलाज में कोई कमी नहीं आने देना चाहती।
यह घटना एक ओर जहां गरीबी और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच की चुनौतियों को उजागर करती है, वहीं दूसरी ओर बेटी के प्रेम, जिम्मेदारी और सेवा भाव की अद्भुत मिसाल भी पेश करती है। आज के दौर में जब रिश्तों की संवेदनाएं अक्सर सवालों के घेरे में रहती हैं, तब यह बेटी अपने पिता के लिए एक मजबूत सहारा बनकर समाज को भावुक कर देने वाला संदेश दे रही है।
पिता के प्रति बेटी का यह त्याग और समर्पण हर किसी के दिल को छू रहा है। वहीं अपनी पीड़ा और आर्थिक मजबूरियों को बयां करते हुए लक्ष्मीनारायण की पत्नी ने भावुक होकर अपनी आपबीती सुनाई।