मांट तहसील में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में चल रहा आंदोलन अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और संबंधित कर्मियों द्वारा किए जा रहे धरना-प्रदर्शन को लगातार विभिन्न विपक्षी दलों का समर्थन मिल रहा है, जिससे आंदोलन को नई मजबूती मिलती दिखाई दे रही है।
धरना स्थल पर सबसे पहले कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर पहुंचे और आंदोलनकारियों की मांगों को जायज बताते हुए अपना समर्थन दिया। इसके बाद राष्ट्रीय लोकदल के वरिष्ठ नेता कुंवर नरेंद्र सिंह ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों की समस्याएं सुनीं और उनके संघर्ष को समर्थन देने का भरोसा दिलाया।
शनिवार को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानसभा नेता प्रतिपक्ष संजय लाठर भी आंदोलन स्थल पहुंचे। उन्होंने ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को जनविरोधी बताते हुए कहा कि इससे अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और आम नागरिकों की समस्याएं बढ़ेंगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाएगी।
वहीं दोपहर बाद पूर्व मंत्री पंडित श्याम सुंदर शर्मा भी अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। उनके पहुंचने से आंदोलन को और अधिक राजनीतिक समर्थन मिला तथा धरना स्थल पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए।
धरने में लगातार विभिन्न दलों के नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए राजनीतिक दल जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं और जनता के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास कर रहे हैं।
फिलहाल ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में चल रहा यह आंदोलन मांट क्षेत्र का सबसे चर्चित मुद्दा बना हुआ है। आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग कर रहे हैं, जबकि राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर खुलकर समर्थन देते नजर आ रहे हैं।