राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इसी बीच राज्यमंत्री के पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने इस प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कानपुर देहात के माती में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि राम मंदिर की धनराशि में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने कहा कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और मंदिर की धनराशि में हेराफेरी या गड़बड़ी करना अत्यंत गंभीर अपराध है।
उन्होंने आगे कहा कि मामले में शामिल दोषियों की संपत्तियां भी जब्त की जानी चाहिए। वारसी ने सुझाव दिया कि दोषियों की संपत्ति को बेचकर प्राप्त धनराशि को राम मंदिर के विकास कार्यों और मंदिर के खजाने में जमा कराया जाए, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने वालों को कड़ा संदेश दिया जा सके।
पूर्व सांसद ने मंदिर की आस्था और श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।