मथुरा। जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लेने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधावल्लभ एवं डिप्टी सीएमओ डॉ. आलोक कुमार मंगलवार को अचानक जिला अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों के औचक निरीक्षण से अस्पताल परिसर में हलचल मच गई।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. नीरज अग्रवाल एवं डॉ. संजीव यादव के साथ इमरजेंसी वार्ड, सीटी स्कैन सेंटर तथा क्षय रोग (टीबी) विभाग का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं, जांच सुविधाओं और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान सीमित संसाधनों एवं चिकित्सकों की कमी के बावजूद अस्पताल की व्यवस्थाएं संतोषजनक और सुव्यवस्थित पाई गईं। इस पर सीएमओ डॉ. राधावल्लभ ने संतोष व्यक्त करते हुए सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल के प्रबंधन की सराहना की। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और स्टाफ की कमी के बावजूद अस्पताल प्रशासन मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है।
मीडिया से बातचीत में सीएमओ ने स्वीकार किया कि जिला अस्पताल में लंबे समय से चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि रिक्त पदों को भरने के लिए शासन स्तर पर मांग भेजी गई है। नए डॉक्टरों की तैनाती होने के बाद स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से भी बातचीत की। उन्होंने दवाओं की उपलब्धता, जांचों की समयबद्धता और उपचार संबंधी सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए इमरजेंसी में आने वाले प्रत्येक मरीज को तत्काल और बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों की चिकित्सा सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अस्पताल प्रशासन को सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करना होगा।