राम मंदिर के दान में कथित गबन के मामले की जांच अब तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल यानी एसआईटी की टीम मंगलवार को अयोध्या पहुंची। टीम राम जन्मभूमि परिसर में पहुंचकर मामले से जुड़े दस्तावेजों और तथ्यों की जांच कर रही है। एसआईटी को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।
राम मंदिर में प्राप्त दान राशि में कथित गड़बड़ी और गबन के आरोपों की जांच के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से गठित एसआईटी ने अयोध्या पहुंचकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह जांच राम मंदिर ट्रस्ट के आग्रह पर कराई जा रही है ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष पड़ताल हो सके।
एसआईटी में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है। टीम में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज किरन एस तथा विशेष सचिव वित्त नील रतन शामिल हैं।
मंगलवार को एसआईटी की टीम राम जन्मभूमि परिसर पहुंची, जहां अधिकारियों ने संबंधित अभिलेखों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जांच के दौरान ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों से भी जानकारी ली जा सकती है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार एसआईटी को पूरे मामले की विस्तृत जांच कर 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।