दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर पुलिस जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआत में जिस घटना को सामान्य आग लगने का हादसा माना जा रहा था, वह अब एक सुनियोजित साजिश के रूप में सामने आई है। इस दर्दनाक घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। अब पुलिस ने मामले में एक 17 वर्षीय लड़की समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जांच में पता चला है कि आरोपियों ने बदला लेने की नीयत से एक स्कूटर को आग लगाने की योजना बनाई थी। लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि उसने पास की बहुमंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग धुएं और आग की लपटों में घिर गई। रात के समय हुए इस हादसे से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां और पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक तीन लोगों की जान जा चुकी थी। कई लोगों को खिड़कियों और छतों के रास्ते बाहर निकाला गया। राहत और बचाव अभियान पूरी रात चलता रहा।
पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पूछताछ में सामने आया कि यह आग किसी दुर्घटना का नतीजा नहीं थी, बल्कि पहले से बनाई गई योजना के तहत लगाई गई थी। इसी के आधार पर पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे आगे की पूछताछ जारी है।
इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते बचाव कार्य नहीं होता तो मृतकों की संख्या और भी ज्यादा हो सकती थी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और आग लगाने के पीछे असली मकसद क्या था।
एक छोटी सी दुश्मनी या बदले की भावना ने तीन निर्दोष लोगों की जान ले ली। तुगलकाबाद अग्निकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि व्यक्तिगत रंजिश का अंजाम कितना भयावह हो सकता है।